Bihar Board Class 9 Geography Chapter 2 Question Answer 2026
भारत का भौतिक स्वरूप
बिहार बोर्ड कक्षा 9 भूगोल अध्याय 2 “भारत का भौतिक स्वरूप” बोर्ड परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय है। इस अध्याय में भारत के पर्वत, मैदान, पठार, तटीय मैदान एवं द्वीप समूहों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है। यहाँ सभी महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर सरल भाषा में दिए गए हैं।
अतिलघु उत्तरीय प्रश्न
1. भारत का सबसे पुराना मोड़दार पहाड़ कौन है?
उत्तर: अरावली पर्वत भारत का सबसे पुराना मोड़दार पहाड़ है।
2. शिवालिक क्या है?
उत्तर: हिमालय की सबसे दक्षिणी और निम्न श्रेणी को शिवालिक कहते हैं।
3. दक्षिणी पठार पर स्थित सर्वोच्च चोटी कौन-सी है?
उत्तर: अनाइमुडी चोटी दक्षिणी पठार की सर्वोच्च चोटी है।
4. महाबलेश्वर पर्वत भारत के किस राज्य में स्थित है?
उत्तर: महाबलेश्वर पर्वत महाराष्ट्र राज्य में स्थित है।
5. पटकाई बुम क्या है?
उत्तर: पटकाई बुम पूर्वोत्तर भारत की एक पर्वत श्रेणी है।
6. उत्तर के पर्वतीय भाग में सबसे ऊँची चोटी कौन है?
उत्तर: के-2 (गॉडविन ऑस्टिन) उत्तर के पर्वतीय भाग की सबसे ऊँची चोटी है।
7. गुजरात से गोवा तक का तटीय मैदान किस नाम से प्रसिद्ध है?
उत्तर: गुजरात से गोवा तक का तटीय मैदान कोंकण तट कहलाता है।
लघु उत्तरीय प्रश्न
1. संरचना की दृष्टि से भारत के तीन प्राकृतिक विभागों के नाम लिखें।
1. उत्तरी पर्वतीय प्रदेश
2. उत्तरी मैदान
3. प्रायद्वीपीय पठार
2. उत्तरी मैदान
3. प्रायद्वीपीय पठार
2. हिमालय की तीन समानांतर श्रेणियों के नाम एवं उनकी विशेषताएँ बताइए।
हिमाद्रि: सबसे ऊँची श्रेणी, सदैव बर्फ से ढकी रहती है।
हिमाचल: मध्य श्रेणी, यहाँ घाटियाँ एवं पर्यटन स्थल पाए जाते हैं।
शिवालिक: सबसे दक्षिणी एवं निम्न श्रेणी।
हिमाचल: मध्य श्रेणी, यहाँ घाटियाँ एवं पर्यटन स्थल पाए जाते हैं।
शिवालिक: सबसे दक्षिणी एवं निम्न श्रेणी।
3. पूर्वांचल की कौन-कौन सी श्रेणियाँ हैं? उनका वितरण दें।
पूर्वांचल की प्रमुख श्रेणियाँ हैं—
- पटकाई बुम
- नागा पहाड़ियाँ
- मिजो पहाड़ियाँ
- गारो-खासी-जैंतिया पहाड़ियाँ
4. प्रायद्वीपीय भारत की भूमि उत्तरी भाग की भूमि से किस प्रकार भिन्न है?
प्रायद्वीपीय भारत की भूमि कठोर एवं प्राचीन चट्टानों से बनी है जबकि उत्तरी मैदान की भूमि जलोढ़ मिट्टी से बनी उपजाऊ भूमि है।
5. हिमालय और दक्षिणी पठार के पहाड़ों में अंतर बताइए।
| हिमालय पर्वत | दक्षिणी पठार |
|---|---|
| नवीन मोड़दार पर्वत | प्राचीन कठोर पर्वत |
| ऊँचाई अधिक | ऊँचाई कम |
| बर्फ से ढके रहते हैं | बर्फ नहीं मिलती |
| नदियों का उद्गम स्थल | खनिज संपदा से भरपूर |
6. हिमालय के प्रमुख दर्रों के नाम लिखें।
नाथूला, जोजिला, शिपकीला तथा बोमडिला।
7. पूर्वी तटीय मैदान और पश्चिमी तटीय मैदान में अंतर बताइए।
| पूर्वी तटीय मैदान | पश्चिमी तटीय मैदान |
|---|---|
| चौड़ा एवं समतल | संकरा एवं ऊबड़-खाबड़ |
| बंगाल की खाड़ी के पास | अरब सागर के पास |
| डेल्टा अधिक मिलते हैं | डेल्टा कम मिलते हैं |
8. तटीय मैदान की तीन झीलों के नाम लिखें।
1. चिल्का झील
2. पुलिकट झील
3. वेम्बनाड झील
2. पुलिकट झील
3. वेम्बनाड झील
9. मध्य हिमालय से आप क्या समझते हैं? इसकी दो घाटियों के नाम लिखें।
हिमाद्रि और शिवालिक के बीच स्थित पर्वत श्रेणी को मध्य हिमालय कहते हैं।
दो प्रमुख घाटियाँ—
दो प्रमुख घाटियाँ—
- कश्मीर घाटी
- कांगड़ा घाटी
10. मध्य गंगा मैदान की विशेषताएँ बताइए।
यह उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी से बना है। यहाँ कृषि अधिक होती है तथा जनसंख्या घनी पाई जाती है।
11. खादर और बांगर किसे कहते हैं? इनमें अंतर स्पष्ट करें।
| खादर | बांगर |
|---|---|
| नई जलोढ़ मिट्टी | पुरानी जलोढ़ मिट्टी |
| अधिक उपजाऊ | कम उपजाऊ |
| बाढ़ से नई मिट्टी आती है | ऊँचे भागों में पाई जाती है |
12. पूर्वी घाट और पश्चिमी घाट में अंतर स्पष्ट करें।
| पूर्वी घाट | पश्चिमी घाट |
|---|---|
| टूटे-फूटे पर्वत | सतत पर्वत श्रेणी |
| ऊँचाई कम | ऊँचाई अधिक |
| बंगाल की खाड़ी के पास | अरब सागर के पास |
13. भारत के भौतिक विभागों के नाम बताइए।
1. हिमालय पर्वतीय प्रदेश
2. उत्तरी मैदान
3. प्रायद्वीपीय पठार
4. तटीय मैदान
5. द्वीप समूह
2. उत्तरी मैदान
3. प्रायद्वीपीय पठार
4. तटीय मैदान
5. द्वीप समूह
14. भारतीय मरुस्थल की विशेषताएँ बताइए।
यहाँ वर्षा बहुत कम होती है। रेतीली मिट्टी पाई जाती है तथा वनस्पति कम होती है।
15. भारतीय द्वीप समूहों की स्थिति और उनकी रचना पर प्रकाश डालें।
भारत के दो प्रमुख द्वीप समूह हैं—
- अंडमान-निकोबार द्वीप समूह
- लक्षद्वीप द्वीप समूह
16. हिमालय के कुछ हिमनदों के नाम बताइए।
सियाचिन, गंगोत्री एवं यमुनोत्री हिमनद।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
1. भारत को कितने प्राकृतिक विभागों में बाँटा जा सकता है? उनका वर्णन करें।
1. हिमालय पर्वतीय प्रदेश: उत्तर भारत में स्थित ऊँचे पर्वत।
2. उत्तरी मैदान: गंगा, सिंधु एवं ब्रह्मपुत्र नदियों द्वारा निर्मित उपजाऊ मैदान।
3. प्रायद्वीपीय पठार: प्राचीन कठोर चट्टानों से बना पठार।
4. तटीय मैदान: समुद्र के किनारे स्थित मैदान।
5. द्वीप समूह: अंडमान-निकोबार एवं लक्षद्वीप द्वीप।
2. उत्तरी मैदान: गंगा, सिंधु एवं ब्रह्मपुत्र नदियों द्वारा निर्मित उपजाऊ मैदान।
3. प्रायद्वीपीय पठार: प्राचीन कठोर चट्टानों से बना पठार।
4. तटीय मैदान: समुद्र के किनारे स्थित मैदान।
5. द्वीप समूह: अंडमान-निकोबार एवं लक्षद्वीप द्वीप।
2. हिमालय और दक्षिण के पठार का तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत करें।
| हिमालय पर्वत | दक्षिणी पठार |
|---|---|
| नवीन मोड़दार पर्वत | प्राचीन पठार |
| ऊँचाई अधिक | ऊँचाई कम |
| बर्फ से ढका | कठोर चट्टानों से बना |
| नदियों का उद्गम स्थल | खनिज संपदा से भरपूर |
3. भारत के उत्तरी मैदान को कितने उपविभागों में बाँटा जा सकता है?
1. पंजाब मैदान: सिंधु नदी द्वारा निर्मित मैदान।
2. गंगा मैदान: सबसे उपजाऊ एवं विस्तृत मैदान।
3. ब्रह्मपुत्र मैदान: असम क्षेत्र में स्थित मैदान।
2. गंगा मैदान: सबसे उपजाऊ एवं विस्तृत मैदान।
3. ब्रह्मपुत्र मैदान: असम क्षेत्र में स्थित मैदान।
4. भारत के विभिन्न प्राकृतिक विभाग जनजीवन को किस प्रकार प्रभावित करते हैं?
प्राकृतिक विभाग जलवायु, कृषि, उद्योग, परिवहन एवं लोगों के रहन-सहन को प्रभावित करते हैं। मैदानों में कृषि अधिक होती है जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में ठंड अधिक होती है।
5. हिमालय का निर्माण किस प्रकार हुआ?
हिमालय का निर्माण भूगर्भीय हलचलों के कारण टेथिस सागर की तलछटी चट्टानों के मुड़ने से हुआ। भारतीय प्लेट एवं यूरेशियन प्लेट के टकराने से हिमालय पर्वत बना।
6. प्रायद्वीपीय पठार के उपविभागों के नाम लिखें तथा एक का वर्णन करें।
- मालवा पठार
- छोटानागपुर पठार
- दक्कन का पठार
7. हिमालय की पर्वत श्रेणियों की विशेषताओं पर प्रकाश डालें।
हिमालय तीन प्रमुख श्रेणियों— हिमाद्रि, हिमाचल एवं शिवालिक में विभाजित है। हिमाद्रि सबसे ऊँची श्रेणी है जहाँ सालभर बर्फ रहती है। हिमाचल में घाटियाँ एवं पर्यटन स्थल पाए जाते हैं जबकि शिवालिक सबसे निम्न श्रेणी है।
निष्कर्ष
इस पोस्ट में Bihar Board Class 9 Geography Chapter 2 “भारत का भौतिक स्वरूप” के सभी महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर सरल भाषा में दिए गए हैं। यह नोट्स बोर्ड परीक्षा 2026 की तैयारी के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
